ज़िल्लर वार्ता राष्ट्रीय ,नई दिल्ली: भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल हुई है। कनाडा की विदेश मंत्री अनिता आनंद मंगलवार शाम दो दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचीं। इस यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी से होनी है। दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा, रक्षा सहयोग और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है।
भारत-कनाडा संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश
अनिता आनंद का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भारत और कनाडा अपने द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक गति बनाए रखने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। कनाडा सरकार के अनुसार, इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच सहयोग को गहरा करना और साझा प्राथमिकताओं पर ठोस प्रगति करना है।
भारत और कनाडा के बीच करीब 80 वर्षों से राजनयिक संबंध हैं। दोनों देशों के बीच शिक्षा, व्यापार, निवेश, तकनीक और लोगों के आपसी संपर्क के क्षेत्र में लंबे समय से सहयोग रहा है। ऐसे में विदेश मंत्री अनिता आनंद की यात्रा को दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद जारी रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एस. जयशंकर के साथ किन मुद्दों पर होगी बातचीत?
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और कनाडा की विदेश मंत्री अनिता आनंद के बीच होने वाली बैठक में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के रोडमैप को आगे बढ़ाने पर ध्यान दिए जाने की उम्मीद है।
प्रमुख मुद्दों में व्यापारिक सहयोग, ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी, रक्षा एवं सुरक्षा, निवेश और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाना शामिल हैं। कनाडा की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दोनों मंत्री इन क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए चर्चा करेंगे।
यह दोनों नेताओं की सितंबर 2025 के बाद से 11वीं मुलाकात होगी। इससे संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद लगातार जारी है और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
व्यापार और मुक्त व्यापार समझौते पर नजर
भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंध इस यात्रा का एक प्रमुख केंद्र हो सकते हैं। कनाडा की सरकार के अनुसार, वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार 30.4 अरब कनाडाई डॉलर रहा, जिसमें वस्तुओं का व्यापार 11 अरब कनाडाई डॉलर का था।
दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते यानी Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) की दिशा में बातचीत आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हो चुकी है। सितंबर 2026 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान एस. जयशंकर और अनिता आनंद की मुलाकात में इस समझौते से संबंधित प्रयासों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई गई थी।
यदि आर्थिक सहयोग में आगे प्रगति होती है, तो इससे दोनों देशों के कारोबारियों, निवेशकों और विभिन्न उद्योगों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं। हालांकि, किसी समझौते के अंतिम रूप या उसके लागू होने की स्थिति के बारे में आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग
ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी भी भारत-कनाडा संबंधों का एक महत्वपूर्ण पहलू है। सितंबर में हुई बैठक के दौरान दोनों देशों ने नवीकरणीय ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और नागरिक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की थी।
भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में जारी प्रयासों को देखते हुए कनाडा के साथ सहयोग महत्वपूर्ण हो सकता है। महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति, ऊर्जा प्रौद्योगिकी और निवेश के क्षेत्र में साझेदारी दोनों देशों के लिए आर्थिक अवसर पैदा कर सकती है।
इसके अलावा, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं भी द्विपक्षीय एजेंडे का हिस्सा हैं। दोनों देश बदलती वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच अपने व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना चाहते हैं।
सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर भी रहेगा ध्यान
भारत और कनाडा के बीच सुरक्षा तथा रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाना भी इस यात्रा के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। दोनों देशों के बीच बेहतर संवाद और समन्वय द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर बनाने में मदद कर सकता है।
हालांकि, सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के विशिष्ट विवरण और किसी नए समझौते की घोषणा अभी आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है। इसलिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बैठक के बाद दोनों सरकारें किन ठोस फैसलों या पहलों की जानकारी देती हैं।
जयंत चौधरी से भी मुलाकात
विदेश मंत्री अनिता आनंद के कार्यक्रम में भारत के केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी से मुलाकात भी शामिल है। इस बैठक में कौशल विकास, प्रशिक्षण और लोगों के बीच संपर्क से संबंधित सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हो सकती है।
भारत और कनाडा के बीच शिक्षा, रोजगार और पेशेवर अवसरों को लेकर लंबे समय से लोगों का आपसी संपर्क रहा है। ऐसे में कौशल विकास और मानव संसाधन से जुड़े विषय दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में भी होंगी शामिल
नई दिल्ली में अपने प्रवास के दौरान अनिता आनंद ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में एक परिचर्चा में भाग लेंगी। इस चर्चा का विषय बदलती वैश्विक व्यवस्था और मध्यम शक्ति वाले देशों की भूमिका से जुड़ा है।
कनाडा की विदेश मंत्री इस मंच के माध्यम से बहुपक्षीय और बहुपक्षीय समूहों के बीच सहयोग के महत्व को रेखांकित करेंगी। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में व्यापार, सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर विभिन्न देशों के बीच संवाद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आगे क्या होगा?
अनिता आनंद की भारत यात्रा से दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के नए अवसरों की उम्मीद है। उनकी एस. जयशंकर और जयंत चौधरी के साथ होने वाली मुलाकातों के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन क्षेत्रों में आगे की कार्रवाई पर सहमति बनती है।
फिलहाल, इस दौरे का घोषित उद्देश्य भारत-कनाडा संबंधों को मजबूत करना और पहले से तय साझा प्राथमिकताओं पर आगे बढ़ना है। अब सभी की नजर दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बातचीत और उसके बाद जारी होने वाले आधिकारिक बयानों पर रहेगी।